कान में होने वाले रोग

आजकल हर दूसरा व्यक्ति कान रोग से पीड़ित है, कुछ कान की समस्या स्थायी होती है और कुछ अस्थायी | किसी भी व्यक्ति को (अगर वह कान की नियमित सफाई नहीं करता हो तो) कान में अलगअलग प्रकार की समस्या होने का खतरा होता है, जैसे कान से पानी बहना, कान का दर्द आदि | इसीलिए हर व्यक्ति को कान की नियमित रूप से सफाई करनी चाहिए और नियमित रूप से कान की जांच करवानी चाहिए | कान में होने वाली बीमारियां चिंताजनक होती है क्यूंकि ये कान के असहनीय दर्द के साथसाथ बहरेपन का भी कारण बन सकती है | आइये हम कान के रोग, लक्षण और उपाय के बारे में थोड़ा अधिक पड़े :-

कान के रोग

कान के रोग निम्नलिखित प्रकार के होते है:-

  • बहरापन

  • कान में फोड़े

  • कान में कैंसर

  • टिनिटस

  • कान का बहना

  • कान में दर्द होना

  • कान के परदे में छेद होना

  • कुछ लोगो के लिए कान का मेल भी एक समस्या हो सकती है

कान में होने वाले रोग के लक्षण

कान से कम सुनाई देना, कान से पानी बहना , कान में दर्द होना और ऐसे बहुत सारे कान में होने वाले शुरुआती लक्षण है जो हमें कान के रोग के बारे में सतर्क करते है | हमें इन शरुआती लक्षणों को पहचानना चाहिए और तुरंत इसका उपचार करवाना चाहिए| और भी बहुत सारे पहलु कान में होने वाले रोग के शुरुआती लक्षण माने जा सकते है जैसे:-

  • बुखार

  • चिड़चिड़ापन

  • चक्कर आना

  • कान में भारीपन लगना

  • कान में बहुत ज्यादा मेल जमा हो जाना

  • कान में खुजली होना

  • कान का लाल हो जाना

  • कान में फुंसी होना

  • कान से कम सुनाई देना

  • कान में आवाज गूंजना

  • कान में सूजन आना

  • कान में से बदबू आना

  • बेचैनी होना

  • कान की त्वचा का धीरेधीरे निकलना

  • उलटी करना

  • कान की त्वचा का धीरेधीरे गलना

कान के रोग बहुत से कारणों से हो सकते है जैसे ज्यादा अधिक शोर में रहने से बहरापन हो सकता है, और कभी कभी अधिक शोर की वजह से यह अस्थायी बहरापन या कान की समस्या स्थायी बहरापन में भी बदल सकती है | इससे बचने का एक उपाय यह है की जितना हो सके शोरगुल वाली जगहों से दूर रहना चाहिए और पार्टी या शोरगुल की जगह से वापिस आने के बाद अपने कान को आराम देना चाहिए | कान में मेल जमा होना बहुत आम बात है, हम दिए गए सरल सुझावों का उपयोग करके अपने कान को साफ कर सकते हैं।

कान में होने वाले रोग का उपचार 

कुछ कान के रोग आमतौर पर सही देखभाल से घर पर ठीक हो सकते है, पर कुछ कान के रोग के उपचार के लिए डॉक्टर या ऑडिओलॉजिस्ट की सलाह की जरुरत होती है | जैसे कान से पानी बहना जैसी समस्या के लिए हम घरेलू उपाय अपना सकते है, सरसो के तेल को गरम करके उसमे थोड़ी हल्दी डालकर उसकी कुछ बुँदे पीड़ित व्यक्ति के कान में डालने से यह ठीक हो जाता है और उसे आराम मिलता है | इसी तरह कुछ कान के रोग होते है जो घरेलू उपाय से ठीक नहीं हो सकते, उनके लिए डॉक्टर या ऑडिओलॉजिस्ट से मिलने की सलाह दी जाती है | ऑडिओलॉजिस्ट या डॉक्टर पहले रोग का परिक्षण करते है और रोग का स्तर जानने के बाद या तो दवाइयां दी जाती है या फिर ऑपरेशन की सलाह दी जाती है | कान के रोग अलग अलग होते है तो उनके लक्षण और उपचार भी एक दूसरे से थोड़े अलग होते है | कान के रोग के उपचार में कान की प्लास्टिक सर्जरी, दर्द निवारक दवाइयां, ध्वनि चिकित्सा, कान से संबंधित उपकरण, ऑपरेशन, एंटीबायोटिक्स सम्मिलित है |